प्रधान न्यायाधीश भी आर टी आई के दायरे में :- दिल्ली हाई कोर्ट


नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने आज एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश का ऑफिस भी सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून के दायरे में आता है। अदालत के अनुसार आरटीआई कानून के तहत सभी जजों को अपनी संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक तौर पर घोषित करना होगा। इसके साथ ही अदालत ने आदेश दिया है कि दिल्ली हाईकोर्ट के सभी जज एक हफ्ते के अंदर अपनी संपत्तियों को सार्वजनिक करेंगे।


हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एपी शाह और जस्टिस एस. मुरलीधर व जस्टिस विक्रमजीत सेन की ती सदस्यीय खंडपीठ ने कहा है कि "न्यायपालिका में जो जितना बड़ा है, जनता के प्रति उसकी जवाबदेही उतनी ही बड़ी है।"

 आरटीआई के महत्व पर जोर देते हुए खंडपीठ ने कहा कि "आरटीआई का प्रभाव बहुत अधिक है। ऎसी जानकारी चाहने वाले नागरिकों को इसका दुरूपयोग नहीं करना चाहिए, इससे न्यायपालिका की स्वतंत्रता बचेगी।"

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