एक बार मैंने इतिहास की किताब में बचपन में पढ़ा था कि एक राज्य की रानी कर्णावती ने दिल्ली के राजा हुमांयू को राखी भेजी थी ताकि वो उसकी सैन्य सहायता करके मुसीबत दूर कर सके। रानी कर्णावती भारतीय रानी थी और हुमांयू महाराज एक विदेशी आक्रांता बाबर के बेटे यानि कि बाबर ने जब भारत पर हमला करा था तो कर्णावती महारानी के पापाजी वगैरह तो रहे ही होंगे लेकिन रानी जी ने इस बात को भुला कर कि हुमांयू जी एक आक्रांता परिवार से हैं उन्हें जरूरत पड़ने पर राखी भेज दी, हो सकता हो कि गाना भी गाया हो,"भइया मोरे राखी के बंधन को निभाना...."। आगे की कहानी हर वो बंदा जानता है जिसने आठवीं तक इतिहास पढ़ा है। मैं आज के परिप्रेक्ष्य में एक भड़ासी सुझाव अपने देश की पहली महिला यानि कि हम गरीबों की माताराम श्रीमती प्रतिभा ताई(ताई की जगह आई कहना ज्यादा सुहाता है मराठी में ताई बड़ी बहन को और आई माताजी को कहते हैं) को देना चाहता हूं। संभव है कि इससे जो समस्या किसी भी तरह से समाप्त नहीं हो रही है चमत्कारिक रूप से दूर हो जाए। आप लोग नहीं समझे... अरे भाई आतंकवाद, मेरा मानना है कि अगर प्रतिभा ताई ओसामा बिन लादेन को राखी भेज कर ट्राई मारें तो हो सकता है काम बन जाए वरना जैसा चल रहा है चलता रहेगा। अरे ऐसा तो है नहीं कि राखी भेजने पर नाराज होकर दस बम और फुड़वा देगा या इंडियन क्रिकेट टीम को ठुकवा देगा; लेकिन अगर दशमलव के हजारवें अंक तक भी सफलता की संभावना है कि ये पुराना ऐतिहासिक तरीका काम आ जाएगा तो हर्ज़ ही क्या है। हम सारे भारतीय मिल कर गाना गाएंगे...."ओसामा मेरा मामा है...ओसामा मेरा मामा...." और फिर सारे राजनैतिक दल ओसामा मामा जी को बधाई देने दौड़ पड़ेंगे और उन्हें "राष्ट्रमामा" कह कर भारत के इतिहास में दर्ज कर लिया जाएगा।
जय जय भड़ास
2 comments:
डा.साहब कांग्रेस से सहमति जरूरी है क्योंकि पिता और चाचा तो उनकी ही देन हैं
जय जय भड़ास
राष्ट्रमामा कह कर भारत के इतिहास में दर्ज कर लिया जाएगा.....
it is possible....in india
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