ज्वालामुखी विस्फोट के बाद उड़ने वाली राख का असर पश्चिमी देशों की ओर जाने वाली उड़ानों पर !!



आइसलैंड में ज्वालामुखी विस्फोट के बाद उड़ी राख के ब्रिटेन सहित यूरोप के अधिकतर हिस्सों के वायु क्षेत्र में छा जाने के कारण पश्चिमी देशों की ओर जाने वाली कई उड़ानें शुक्रवार को रद्द कर दी गईं। राख के गुबार के जल्द साफ होने की फिलहाल कोई संभावना नहीं है।

ब्रिटेन की वायु दिशा-निर्देशन सेवा प्रदाता एनएटीएस और यूरोप की यूरोकंट्रोल के ताजा परामर्श को मानते हुए एयर इंडिया, जेट एयरवेज और किंगफिशर एयरलाइंस ने 17 अप्रैल को लंदन, पेरिस, ब्रूसेल्स, शिकागो, फ्रेंकफर्ट, टोरंटो, नेवार्क और न्यूयॉर्क से आने और जाने वाली उड़ानें रद्द कर दी हैं।

आइसलैंड में ज्वालामुखी विस्फोट के बाद राख का गुबार अब भी यूरोप के आसमान में बना हुआ है। इसके चलते फ्रेंकफर्ट, लंदन और पेरिस के प्रमुख हवाई अड्डे आज लगातार दूसरे दिन बंद रहे। ब्रिटिश एयरवेज, लुफ्थांसा, वर्जिन एटलांटिक, एयर फ्रांस, डेल्टा और कुछ अन्य विमानन कंपनियों की उड़ानें रद्द होने के चलते दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डे पर पार्किन्ग से जुड़ी समस्याएं पैदा हो गईं।

ब्रिटेन और नॉर्डिक राष्ट्रों के अलावा जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड, आयरलैंड और पोलैंड जैसे देशों के वायु क्षेत्र भी राख के गुबार की चपेट में हैं। इन देशों के हवाई अड्डों से उड़ानों का परिचालन नहीं हो पा रहा है।

एयर इंडिया ने ब्रिटेन, यूरोप और उत्तर अमेरिका जाने वाली अपनी सभी आठ उड़ानें अगले 48 घंटे के लिए रद्द कर दी हैं। वहीं, ब्रूसेल्स के जरिए ब्रिटेन और उत्तर अमेरिका जाने वाली जेट एयरवेज की सभी उड़ानों के कार्यक्रम में पूर्व में परिवर्तन होने के बाद अब उन्हें रद्द कर दिया गया है। किंगफिशर ने भी लंदन जाने वाली अपनी दो उड़ानें रद्द कर दी हैं। अमेरिका से यूरोप और भारत आने वाली उड़ानों को अनिश्चितकाल तक के लिए रोक दिया गया है।

उड़ानों के निर्धारित कार्यक्रम में फेरबदल होने या उनके रद्द हो जाने के चलते मुंबई और दिल्ली हवाई अड्डों पर पार्किंग क्षेत्र व्यस्त हो गया है। भारतीय और विदेशी विमानन कंपनियों के कम से कम 17 बड़े विमान इन हवाई अड्डों पर मौजूद हैं। मुंबई में टैक्सीवे पर भी दो विमान पार्क किए गए हैं।

एक प्रवक्ता ने कहा कि लुफ्थांसा ने भारत से फ्रेंकफर्ट जाने वाली अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं, लेकिन दिल्ली और मुंबई से म्यूनिख जाने वाली उड़ानों का परिचालन निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप होगा। इसी तरह, सिंगापुर एयरलाइंस ने यूरोप से आ रहे या जा रहे अपने यात्रियों से हवाई अड्डे पहुंचने से पहले अपनी उड़ानों की स्थिति पर नजर रखने को कहा है।
 

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