शशि थरूर विपक्षी दलों के राजनीति निशाने पर !!


आईपीएल के विवाद की गुत्थी हर दिन उलझती जा रही है। अब जिस तरह से एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप के साथ कीचड़ उछाले जा रहे हैं उसमें क्रिकेट कहीं गायब हो गया है। आइए जानें कहां पहुंची उठापटक? आईपीएल आयुक्त ललित मोदी और शशि थरूर में कोच्चि टीम को लेकर विवाद दोनों को ही भारी पड़ता दिख रहा हैं। एक तरफ आईपीएल के गर्वनिंग बॉडी के आधे से ज्यादा सदस्य लगभग इस बात पर सहमत नजर आ रहे है कि ललित मोदी को आईपीएल के आयुक्त पद से हटा दिया जाए और किसी और को यह जिम्मेदारी दी जाए। कार्यकारी आयुक्त के लिए शशांक मनोहर का नाम भी उछल चुका है। वहीं दूसरी तरफ शशि थरूर इस विवाद के चलते विपक्षी दलों के राजनीति निशाने पर आ गए है। उनके कारण केंद्र की मनमोहन सरकार भी मुसीबत में पड़ती दिख रही है।


शरद पवार ने आईपीएल कोच्चि विवाद में आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी का पक्ष लिया। उन्होंने कहा कि मोदी ने टीम फ्रेंचाइजी के शेयर होल्डर्स का नाम सार्वजनिक कर कुछ भी गलत नहीं किया है। पवार ने कहा कि यदि आईपीएल कमिश्नर या फिर बीसीसीआई अध्यक्ष बोली के संबंध में कोई जानकारी चाहते हैं तो उन्हें इसका पूरा अधिकार है। पवार ने थरूर का पक्ष भी लिया और कहा कि उनकी दिलचस्पी अपने राज्य केरल में क्रिकेट को बढ़ावा देने और प्रतिभावान खिलाड़ियों को मौका देने की है।


आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी ने कहा कि वह आईपीएल के बाद ही कुछ कहेंगे। ट्विटर पर सुनंदा के बारे में खुलासा करने वाले मोदी गैब्रिएला दिमित्रियादेस के बारे में चुप्पी साधे हैं। मोदी की गैब्रिएला से मुलाकात दक्षिण अफ्रीका में खेले गए आईपीएल-2 के दौरान हुई थी। उन्होंने थरूर को ई-मेल कर गैब्रिएला को वीजा न देने का आग्रह भी किया था, लेकिन इसकी कोई वजह नहीं बताई थी। इसके साथ ही मोदी ने राजस्थान रॉयल्स में अपने साढू सुरेश चेलाराम की सबसे बड़ी हिस्सेदारी, किंग्स इलेवन पंजाब के सह मालिक मोहित बर्मन से रिश्तेदारी की बात को छुपाया था। मोदी इसलिए भी सवालों के घेरे में हैं कि अगर उन्हें कोच्चि टीम पर कोई संदेह था तो उन्होंने टीम को नोटिस जारी करने के बजाय इसका खुलासा ट्विटर पर क्यों किया?


विदेश राज्य मंत्री पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी महिला मित्र सुनंदा पुष्कर को आईपीएल कोच्चि में ७क् करोड़ रुपए की हिस्सेदारी दिलवाई है, जो आने वाले समय में ५क्क् करोड़ हो जाएगी। शुक्रवार को लोकसभा में जब वह सफाई देने पहुंचे तो विपक्ष ने भारी हंगामा किया। इसके कारण लोकसभा की कार्रवाई को सोमवार तक के लिए स्थगित करना पड़ा। इधर, अपनी सफाई देते हुए शशि थरूर ने कहा कि आईपीएल में उनका नाम जबरन घसीटा जा रहा है। सारे विवाद इसलिए खड़े किए जा रहे हैं ताकि कोच्चि टीम की फ्रेंचायजी को गलत बताकर इसे किसी और राज्य को दे दिया जाए। थरूर ने कहा कि कोच्चि की टीम में हिस्सेदारी के लिए उन्होंने रेन्देवू स्पोर्ट्स को एक रुपया भी नहीं दिया और न लिया है।

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