जरा औडिट ब्यूरो सर्कुलेशन के पुस्तक के इस पनने को देखिये। आज जहाँ हम एक भारत की बात करते हैं, भाषा और क्षेत्र से परे राष्ट्रीयता के लिए गाहे बगाहे आम लोग हों या तंत्र, मीडिया हो या राजनैतिक दल। राष्ट्रीयता के लिए सभी जगह क्षेत्रवाद से परे देसोन्मुख होने के लिए अभियान चलाते हैं वहीँ ए बी की अपने पुस्तक में क्षेत्रों का ब्योरा कुछ यूँ देता है कि अंडमान और निकोबार और पूर्वी क्षेत्र में रख भारतीय सीमा को ही चुनौती दे रहा है।
अब तक तो इस प्रकार का कार्य मीडिया ही करता रहा है मगर मीडिया के प्रसार और पठाक का ठेका लेने वाले ए बी सी ने जिस तरह के ब्योरे अपने इस पुस्तक में दिए हैं हम अपने सीमा के बारे में सोचने पर मजबूर हैं।
जय जय भड़ास
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