आंध्र प्रदेश को बांटकर तेलंगाना बनाने पर केन्द्र सरकार की राजी के बाद टी आर एस प्रमुख के चंद्रशेखर राव ने अपनी अनशन तोड़ दी ।
गृह मंत्री चिदंबरम ने कहा कि जल्द ही आंध्र राज्य विधानसभा में तेलंगाना राज्य बनाने से संबंधित विधेयक लाया जाएगा। उन्होंने टीआरएस प्रमुख के चंद्रशेखर राव से अपनी भूख हड़ताल खत्म करने और प्रदर्शनकारियों से शांति बहाल करने की अपील भी की। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से कहा कि वह आंदोलनकारियों के खिलाफ 29 नवंबर के बाद से दर्ज सभी मामले वापस ले ले। इससे पहले, तेलंगाना पर चौतरफा दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने मामले का सर्वमान्य हल निकालने का प्रयास तेज कर दिया था। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई चर्चा के बाद आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री के रोसैया को अलग राज्य के मसले पर विधानसभा से प्रस्ताव पारित कराने को कह दिया गया। इसके बाद देर रात मुख्यमंत्री हैदराबाद के लिए वापस रवाना हो गए। इससे पहले, मुख्यमंत्री रोसैया ने बुधवार को दिल्ली पहुंचकर कांग्रेस अध्यक्ष व प्रधानमंत्री से भेंट कर राज्य की मौजूदा स्थिति और राजनीतिक घटनाक्रम का ब्योरा दिया था।
पूरे मामले को समयबद्ध तरीके से निपटाने के लिए रूपरेखा तय की जा रही है, लेकिन पूरे फामरूले को अंतिम रूप देने से पहले प्रधानमंत्री विपक्षी दलों से राय मशविरा कर सकते हैं। केंद्र सरकार और कांग्रेस आलाकमान का शीर्ष अमला बुधवार को देर रात तक चंद्रशेखर राव की भूख हड़ताल के चलते बिगड़ती स्थिति की समीक्षा करने में जुटा रहा। गौरतलब है कि राव की हालत भूख हड़ताल के चलते चिंताजनक बनी हुई है। राज्य में आंदोलन भी बेकाबू होता जा रहा है। ऐसे में गुरुवार को टीआरएस की ओर से असेंबली चलो रैली के आह्वान के चलते कांग्रेस आलाकमान और राज्य सरकार की चिंता बढ़ गई।
हर तरफ से दबाव के बीच प्रधानमंत्री ने रूस यात्रा से लौटने के बाद ही इस दिशा में विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। उन्होंने राव की सेहत पर चिंता जताई और राज्य के सांसदों से उनकी सेहत और सूबे की राजनीतिक स्थिति पर मंत्रणा की। प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष ने कोरग्रुप के नेताओं के साथ दो दौर की बातचीत की। दस जनपथ पर कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं केंद्रीय मंत्री प्रणब मुखर्जी, रक्षा मंत्री ए के एंटनी, गृहमंत्री पी चिदंबरम, कानून मंत्री वीरप्पा मोइली और अहमद पटेल के साथ मशविरा किया।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान में अलग राज्य के गठन पर किसी तरह की संशय की स्थिति नहीं थी। लेकिन प्रदेश की अंदरूनी राजनीति के चलते पार्टी में ऊहापोह अभी भी बनी हुई है। राज्य में कांग्रेस का एक खेमा पृथक तेलंगाना का विरोध कर रहा है। राज्य में अलग-अलग खेमों से हैदराबाद को संघ शासित क्षेत्र का स्टेटस देने और ग्रेटर रायलसीमा, नार्थ कोस्टल आंध्र जैसे छोटे राज्यों की मांग भी उठाई जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री वाईएसआर रेड्डी के बेटे जगनमोहन रेड्डी की ओर से मौजूदा नेतृत्व के लिए पैदा की जा रही पेचीदगी भी शीर्ष नेतृत्व के लिए चिंता का विषय है।
1 comment:
जानकारी के लिए धन्यवाद...
नीरज
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