अनेक लोग सहमत रहे हमारी बातों से और अनेक बार हमने इस बात के सबूत भी दिये कि जैन राक्षस किस तरह से लोगों को मीठा बोल कर और घुलमिल कर अपने जाल में फंसाए रहते हैं ताकि कोई इनकी हकीकत न जान पाए। इसका ताजा उदाहरण रहा मुंबई में हाल ही में हुई ब्लागर मीट जिसे कि सारी मुंबई छोड़ कर एक जैन मंदिर में करा लिया गया। ये है महावीर सेमलानी के भोलेपन का जादू। अब भला कोई हमारी बात पर क्यों यकीन करेगा आसानी से कि ये शख्स कितना कुटिल है।
एक बात ये राक्षस भी समझ गये होंगे कि हमारे अवतार स्वरूप डा.रूपेश श्रीवास्तव पर कोई जादू नहीं चलता है । ये बात तुम लोगों के लिये एक चेतावनी भी है कि अब तुम डा.रूपेश श्रीवास्तव जी के तेज से स्वयं ही नष्ट हो जाओगे।
जय नकलंक देव
जय जय भड़ास
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