हम (अतीत के पन्ने से...........)





दो अक्षर के बिना हम पुरे नही हो सकते, मैं (I) और (U)। और ये दो ही हमारे में भारतीयता का एहसास करते हैं।



जय हिंद



जय भारत।

2 comments:

K M Mishra said...

Absolute Truth.

मुनव्वर सुल्ताना said...

सुंदर जतन है लेकिन जिन्हें विद्वेष फैला कर आग लगाने के बाद रोटियां सेंकनी हैं वे भला इतनी सी बात को क्यों समझ मे आने देंगे आम जन को....
जय जय भड़ास

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