ललित मोदी से आयकर अधिकारियों की पूछ ताछ !!


इंडियन प्रीमियर लीग के आयुक्त ललित मोदी से आयकर अधिकारियों ने टीमों की खरीदफरोख्त संबंधी वित्तीय सौदों और शेयरधारिता के तरीकों के बारे में तकरीबन आठ घंटे तक पूछताछ की और उनके वर्ली स्थित कार्यालय से शुक्रवार तड़के रवाना हुए।

आयकर अधिकारी आईपीएल के मुख्यालय वानखेड़े स्टेडियम भी गए और वर्ली के निरलोन हाउस में मोदी के कार्यालय गए, जहां उन्होंने शाम सवा सात बजे से तड़के तीन बजकर 20 मिनट तक मोदी से पूछताछ की।

मोदी ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि आयकर अधिकारी आईपीएल टीमें खरीदने के लिए लगने वाली बोली की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी हासिल करने के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर जा रहे थे और उन्हें जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया।

आईपीएल आयुक्त ने कहा कि उन्हें दस्तावेजी ब्यौरा मुहैया कराया गया, उन्होंने दस्तावेजों की जांच की और बोली की पूरी प्रक्रिया का जायजा लिया। हमने उनके साथ पूरा सहयोग किया और उन्हें वह तमाम जानकारी मुहैया कराई, जो उन्हें चाहिए थी।
मोदी ने बताया कि अधिकारियों ने सहारा और कोच्चि मंच के स्वामित्व वाली दो नई टीमों की बोली से संबंधित दस्तावेज देखे और अन्य टीमों के मालिकों से संबंधित दस्तावेज भी देखे।

यह पूछे जाने पर कि क्या आयकर अधिकारियों ने उनसे और पूछताछ के लिए समय मांगा है, मोदी ने कहा कि वह एकदम संतुष्ट थे। हम एक सार्वजनिक निकाय हैं और अगर उन्हें कुछ और भी पूछना होगा तो हम उनके सवालों का जवाब देंगे।
मोदी ने मीडिया की इन खबरों को बचकाना बताया कि उनका लैपटॉप जब्त कर लिया गया है और उनके कार्यालय से भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई है। उन्होंने कहा कि मीडिया द्वारा दी जा रही 99 प्रतिशत खबरों में कोई सच्चाई नहीं है।
आयकर सूत्रों के अनुसार एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि आईपीएल की टीमों की खरीदफरोख्त के दौरान मॉरिशस जैसे देशों में रखे गए काले धन का इस्तेमाल तो नहीं किया गया है।

आईपीएल के सूत्रधार ललित मोदी उस दिन संदेह के घेरे में आए, जब उन्होंने विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर की महिला मित्र सुनंदा पुष्कर द्वारा कोच्चि टीम में 70 करोड़ रुपए निवेश करने के बारे में टि्वटर पर जानकारी दी।

इस दौरान यह आशंका व्यक्त की गई कि कोच्चि टीम में पैसा दरअसल शशि थरूर का लगा है और सुनंदा तो केवल नाम भर को टीम की हिस्सेदार है। थरूर ने इस आरोप का खंडन किया। एक केन्द्रीय मंत्री द्वारा आईपीएल टीम का स्वामित्व हासिल करने के लिए उसमें बड़ी रकम लगाने को लेकर सवाल उठाते हुए भाजपा और वामपंथी दलों ने थरूर के इस्तीफे की मांग कर डाली।

इस पूरी कहानी को एक नया मोड़ देते हुए कोच्चि टीम के प्रवक्ता और पूर्व सांसद सत्यजीत गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि आईपीएल प्रमुख ललित मोदी दरअसल गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के दबाव में काम कर रहे हैं, जो राज्य के अदानी समूह द्वारा टीम खरीदने में नाकाम रहने के बाद यह चाहते हैं कि कोच्चि टीम अपना ठिकाना बदलकर अहमदाबाद चली आए। गायकवाड़ हालांकि बाद में अपनी बात से बदल गए।

बीसीसीआई सूत्रों का कहना है कि वह 24 अप्रैल को होने वाली अपनी कार्यसमिति की बैठक में इस बारे में विचार करेंगे।
ऐसी भी खबरें हैं कि मोदी के पर कतरने के लिए बीसीसीआई के अध्यक्ष शशांक मनोहर को आईपीएल का सहप्रमुख बनाया जा सकता है। हालांकि बोर्ड के पूर्व प्रमुख और केन्द्रीय मंत्री शरद पवार ने इस संभावना से इनकार किया है। पवार ने कहा कि चूंकि मनोहर बीसीसीआई प्रमुख हैं, उनका आईपीएल सहप्रमुख बनना उचित नहीं होगा, जो देश में शीर्ष क्रिकेट संस्था की एक उप समिति है।

बीसीसीआई सूत्रों का कहना है कि वह 24 अप्रैल को होने वाली अपनी कार्यसमिति की बैठक में इस बारे में विचार करेंगे।
ऐसी भी खबरें हैं कि मोदी के पर कतरने के लिए बीसीसीआई के अध्यक्ष शशांक मनोहर को आईपीएल का सहप्रमुख बनाया जा सकता है। हालांकि बोर्ड के पूर्व प्रमुख और केन्द्रीय मंत्री शरद पवार ने इस संभावना से इनकार किया है। पवार ने कहा कि चूंकि मनोहर बीसीसीआई प्रमुख हैं, उनका आईपीएल सहप्रमुख बनना उचित नहीं होगा, जो देश में शीर्ष क्रिकेट संस्था की एक उप समिति है।
 

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