आज कार्यालय आते ही जैसे ही कंप्यूटर खोल कर फेसबुक पर गया ये मेसेज मेरा स्वागत कर रहा था, कल ही मेरे मित्रों की सूची तीन हजार की पार गयी थी , मेरे अपने ब्लॉग के पोस्ट और हिन्दी के लगभग सभी पोस्ट पर अपनी उपस्थिति करने की कोशिश रहती थी, वजह सिर्फ हिंदी मगर आज सुबह सुबह फेसबुक के इस सन्देश से सोचनीय हो गया की ऐसा क्या हो गया कीमेरे अकाउंट को बंद कर दिया गया।
कौन से नियम कानून को तोडा जिसे फेसबुक ने बनाया या फिर हिन्दी के ब्लोगर और उसको वरीयता देने के करण इस अकाउंट को बंद कर दिया।
शायद ब्लॉग परिवार इसका कोई उत्तर दे या मेरे संशय को सही करे।
10 comments:
are !
are huzoor jab desh ke neta hi hindi se doori bana kar rakhte hain ti facebook kyon na kare....lekin yeh vakai sochniya hai aur ispar hungama zaroor hoga.........
हिन्दी के कारण नहीं आजकल हर सोशल नेट वर्क पर सेंध मारी जा रही है , जो कि सोचनीय है ...
ये सब कंपनियॉं जो हैं वो लत रोकने के लिये कर रही हैं, अति भी ठीक नहीं है।
ये तो अजब हुआ.
अरे ये तो गलत हुआ रजनीश भाई, ये तो आपत्तिजनक है, कम से कम वार्निंग या नोटिस कुछ तो देना चाहिये , आप फेसबुक को लिखो , कोई जवाब तो देंगें ही फिर सब लोग पूछते हैं फेसबुक से ... आखिर क्या बात है वो ऐसा क्यों कर रहा है ।
नरेन्द्र सिंह तोमर
i hope it is not hacked ...
रजनीश जी ऐसा कैसे हो गया
। फेसबुक तो इंडिया में ओर्कुट से पीछे है। अगर आप वहाँ ब्लॉगिंग के लिंक दे रहे हो तो क्या है, लेकिन हाँ कहीं आप ने वहाँ पर लिखना तो नहीं शुरू कर दिया था।
इससे कुछ नहीं होने वाला। लिखने वाले को फेस बुक नहीं चाहिए। खाली नोटबुक चाहिए। फिर देखते हैं कौन रोक सकता है लिखने वाले को ? हमें न कोई रोक ले।
चेहरा न सही विचार ही सही। चलो विचार बुक खोलते हैं।
अगर हिंदी इतनी खराब है तो फेसबुक को हमारे देश में अपनी सेवा ही नहीं देनी चाहिए थी। वैसे मुझे नहीं लगता कि हिन्दी के कारण आपका एकाउंट बंद हुआ, ऐसा भी हो सकता है कि किसी ने इसमें सेंध लगा दिया हो।
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