पा रही हूँ क्योंकि कानून उसके साथ है वो जिसे चाहे तलाक देकर बस कुछ पैसे में बात खत्म कर सकता है। इस सुअर को लगता है कि पन्द्रह बीस हज़ार रुपये महीना देकर किसी भी औरत के आत्मसम्मान को खरीदा जा सकता है। थू है........ थू है....... थू है..... ऐसी व्यवस्था पर। मैं भी मॉडलिंग से पैसा कमाती हूँ और कई निठल्लों को घर बैठा कर जिंदगी भर खिला सकती हूँ तो क्या मैं भी इसी तरह मन भर जाने पर पतियों को छोड़ती रहूँ, समाज के दीमक हैं ऐसे लोग जो बरसों बरस में हमारे समाज की जड़ों यानि नारी के सम्मान को कभी धर्म कभी कानून की आड़ में खा चुके हैं। मन में इतना गुस्सा भरा है लेकिन वो सारी गालियाँ अगर यहाँ लिख डाली तो आप सब कहेंगे कि भड़ासी गाली देते हैं तो जिसे मन करे वह इस कमीने शोएब मलिक की पूजा करे और अपनी बहन बेटियाँ इसे भोगने के लिये दे दे लेकिन कम से कम मैं तो इसे बिना गाली दिये नहीं रह सकी तो दी जिसे जो सोचना है सोचे।जय जय भड़ास
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