लक्ष्मणपुर बाथे नरसंहार, सालों बाद आया फैसला.


बिहार के अरवल जिले के लक्ष्मणपुर बाथे गांव में वर्ष 1997 में हुई 58 लोगों की हत्या के मामले में राज्य की एक अदालत ने बुधवार को 24 लोगों को दोषी करार देते हुए 16 को फांसी और आठ को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने 17 आरोपियों को बरी कर दिया। पटना न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम विजय प्रकाश मिश्रा की अदालत ने इस मामले की सुनवाई इस वर्ष 31 मार्च को पूरी की थी। 

बचाव पक्ष के अधिवक्ता क्रांति कुमार ने बताया कि इस मामले में कुल 46 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चला। मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से कुल 91 गवाहों ने गवाही दी। उल्लेखनीय है कि एक दिसंबर 1997 को लक्ष्मणपुर बाथे गांव में कथित रूप से रणवीर सेना के सदस्यों ने 32 महिलाओं और पांच बच्चों सहित 58 लोगों की हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने मेहदिया थाने में दर्ज प्राथमिकी में 26 नामजद तथा 125 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया था। पुलिस ने जांच के बाद 48 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया तथा 16 लोगों को फरार बताया।

पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक सुनवाई के दौरान ही दो लोगों की मौत हो चुकी है। पटना उच्च न्यायालय के आदेश के बाद इस मामले की प्रतिदिन सुनवाई की जा रही थी।

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