बेचारा ....................................................पति

हाथ जोड़कर पत्नी के आगे करते सम्पूर्ण
समर्पण हमने हर इक गीत किया है
उनके श्री चरणों में अर्पण
और अहिन्दीभाषी पत्नी,
गदगद होकर ये कहती हैं
तुम मुझको अर्पण करते हो,
मैं आऒ करती हूँ तर्पण............................

2 comments:

फ़रहीन नाज़ said...

अमित भाई आप जानबूझ कर छेड़ छेड़ कर चोखेरबालियों से पंगा लेते हो एकाध दिन सारी की सारी आपके घर आ जाएंगी...
जय जय भड़ास

mark rai said...

lage raho ....jai bhadash

Post a Comment