अगर आप सब अमित को टिपण्णी नही दोगे तो मई गा गा कर टिपण्णी दूगा


4 comments:

डा.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) said...

हा...हा..हा... अमित भाई, मजा आ गया... गजब का सेंस आफ ह्यूमर है भाई आपका.... हम दोनो भाई यानि मैं और रजनीश झा तो टिपियाने के लिये ही बदनाम हैं आपको भी छोड़ेंगे नहीं :-)
जय जय भड़ास

फ़रहीन नाज़ said...

चिक-चिक-चूं-चूं-चुक-चुक-चुकुर-चुकुर.... मजा आ गया अमित भाई मैं समझ गई चूहे राजा ने क्या टिप्पणी दी है:)
आपकी कविता पढ़ी,दिल को छू लेने वाली है, बुनते रहिये ऐसे ही शब्दों के इंद्रधनुष....
जय जय भड़ास

कृष्णा शर्मा said...

अमित जी बहुत अच्छी कबिता लिखी आपने मजा आ गया आपके चू चू राजा तो वैसे भी गा गा के टिप्पणी कर रहे है

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) said...

अमित भाई,
हँसी है की रुक नही रही , आपके चातुर्य से प्रभावित हुआ, और हाँ ये तस्वीर मैं भी चुरा रहा हूँ, आखिर जरुरत तो मुझे भी पड़ेगी ना.
शानदार प्रस्तुतीकरण के लिए बधाई स्वीकारें.
जय जय भड़ास

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