एक व्यंग !!!!!

चलता फिरता साइबर कैफे


2 comments:

डा.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) said...

भाई बहुत से "शरीफ़" लोग इंटरनेट पर जो कर्म करते हैं वो इस ठेले पर मौजूद साइबर कैफ़े में संभव नहीं होगा, ये तो बस हम जैसे गरीब लोगों के लिये ही होगा:)
जय जय भड़ास

चंदन श्रीवास्तव said...

वाह भईया इस से तो बिजनेस आईडिया मिल रहा है. ट्राई किया जा सकता है.

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