पैसे के लिये यशवंत सिंह "गंदी लड़की" तो क्या हिजड़ा तक बन सकते हैं

पैसे का लालच आदमी से न जाने क्या-क्या ऐसे काम कराता है जो कि उसको दिन ब दिन नीचे गिराता जाता है। यशवंत सिंह जैसे लालची लालाजी ने भड़ास(जिस पर से इन्हें जुतिया कर भगाया जा चुका है) के साथ होने के समय में अपने मुखौटे में रह कर न जाने क्या क्या नीचपन करे और अब शराफत की दुहाई देता फिरता है। इसने पैसे के लालच के चलते गंदी लड़की के नाम से एक फर्जी आई.डी.बनाया और खुद ही उसे भड़ास पर खूब प्रमोट करा। ये बात भड़ास के माडरेटर डा.रूपेश श्रीवास्तव की नजर में नहीं आयी थी कि हरि जोशी जी का ये वरिष्ठ और ईमानदार पत्रकार कितना घुटा हुआ कुपत्रकार है। हरि जोशी जी अपने पैमानों का पुनर्मूल्यांकन करें। इस पट्ठे ने गंदी लड़की बन कर लार टपकाऊ लोगों की नब्ज लेनी शुरू करी कि अगर ये काम चल निकलता है तो फिर इसी में आगे बढ़ा जाएगा जैसे कि भड़ास की प्रसिद्धि को कैश कराते हुए इसने भड़ास4मीडिया नामक दुकान खोल ली है, ग्रामीण जनों का खून पीने की नियत से उन्हें नकली प्रेसकार्ड का प्रलोभन देकर प्रधान जी डॉट कॉम नामक एक और दुकान खोली और इसी बहाने भड़ासी भाई मनीषराज जी का खूब दोहन करा। जब इसने देखा कि मीडिया माफ़िया बन कर सारे मकसद सिद्ध हो रहे हैं तो अब गंदी लड़की बने रहने में क्या लाभ तो साड़ी खोल कर सबको बताने लगा कि मैं तो शरीफ़ आदमी हूं एक प्रयोग कर रहा था कि अगर मैं लड़की होता तो भड़ास कैसे निकालता। अरे लालची! अगर यही करना है तो अब जरा हिजड़ा बन कर भी देख ले शायद तेरी ये नयी दुकान भड़ास4मीडिया से भी ज्यादा चल निकले क्योंकि तुझे दल्लागिरी में तो महारत है। देखिये ये पाखंडी क्या शराफ़त जता रहा है इस कुटिल करतूत के बारे में.... अगर अब तक इसने ये पोस्ट हटा न दी हो। मिलावटीराम तुम अपने पाखंड को जब तक स्वीकारोगे नहीं तुम्हारा मुखौटा नोचा जाता रहेगा।
भड़ासियों इन जैसे धूर्तों का असली चेहरा और कुटिल व्यक्तित्व सामने लाने की मुहिम जारी रखिये। ये दुष्ट अपनी चालें चल कर हमें सताते रहेंगे लेकिन हम फिर भी अपना अभियान जारी रखेंगे।
जय जय भड़ास

1 comment:

मनोज द्विवेदी said...

MANISHA DI NAMASKAR! KYA HAL-CHAL HAIN..IS GANDE ADAMI KI GANDI KARTOOTON KA BHANDA TO FUT HI CHUKA HAI..AISA NAHI LAGTA KI YE SUDHAREGA..IS JANKARI KE LIYE SUKRIYA.

Post a Comment