दिल्ली की सुन्दरता, हकीकत या धोखा ?

दिल्ली बदली जा रही है, आने वाली कामनवेल्थ गेम के कारण दिल्ली सरकार दिल्लीवाशियों का खून चूस कर दिल्ली को सुन्दर बनाने की कवायद कर रही है मगर इसी सरकार की ढीठाई तो देखिये की दिल्लीवाशी के पैसे से बन रही खिलाडयों के लिए आवास पर इसी सरकार के तमाम चापलूस मंत्री की गिद्ध की नजर पड़ चुकी है। विकास के इस बयार में दिल्लीवासी कहाँ हैं ?


पूर्वी दिल्ली का पांडवनगर मुख्य मार्ग शीला जी के विकास को बयाँ कर रहा है?


मेडकल का बस स्टॉप बस को आगे जाने की हिदायत, तस्वीर बस से ली गई है।

कनाट प्लेस से कस्तूरबा गांधी मार्ग, नियम की खिल्ली उड़ाती तस्वीर, कानून का पता नहीं।

लोगों के निवाले को यहाँ खर्चा गया है !

आम लोगों के बच्चों के भोजन के पैसे से बना सुन्दर दिल्ली, इसमें शीला दीक्षित का विकास झलक रहा है?
दिल्ली भ्रमण ने सोचनीय बना दिया की विकास की दुहाई दे लोगों का निवाला छीनने वाली शीला सरकार नि:संदेह निरंकुश हो गयी है, और हो भी क्यूँ नहीं इसके लिए दिल्ली की जनता ही तो जिम्मेदार है जो किसी एक नेता को दम्भी बना दे लगातार सरकार बना कर, एक ही की सरकार लगातार बनती रहे तो निसंदे लोकतंत्र को खतरा बड जाता है, और शीला सरकार से बड़ा इसका कोई उदाहरण नहीं हो सकता।

2 comments:

अमित जैन (जोक्पीडिया ) said...

बहुत बढिया < सही बात कही है , लोगो के खून पसीने की कमी ,कहा कहा कर्च की जा रही है

अमित जैन (जोक्पीडिया ) said...

बहुत बढिया < सही बात कही है , लोगो के खून पसीने की कमी ,कहा कहा कर्च की जा रही है

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